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  1. वह जगह जहाँ सपने बुने जाते हैं

    वह जगह जहाँ सपने बुने जाते हैं  कभी-कभी छोटे-छोटे उपाय ही दुनिया को बदलने के लिए काफी होते हैं। कर्नाटक का एक छोटा सा गाँव, पटुआ/जूट में सपने बुनकर, सशक्तिकरण की एक शांत कथा लिख रहा है। आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन ने दिसंबर 2010 में गडग शहर से करीब 20 किलोमीट ...
  2. कुमुदवती नदी का पुनर्जीवन

    परिचय  सुप्रसिद्ध भू-जल  वैज्ञानिक और भारत के प्राकृतिक  जल संसाधनों पर एक शीर्ष  वैज्ञानिक,  डाक्टर लिंगराजु येल केशब्दों में   —“  किसी भी नदी की एक जटिल तंत्र व्यवस्था होती है ।” और एक मृत हो रहे जटिल तंत्र को पुनर्जीवित करनेके लिए चौबीसों घंटे कार्यरत ...
  3. How this lady is bringing communities together to fight against open-defecation and superstitions

    झारखंड के खुचिडीह गाँव में एक सामुदायिक संगठन निर्माण एवं सशक्तिकरण कार्यक्रम केअवसर पर,आदिवासी समुदाय और आर्थिक रूप से पिछड़े समुदाय पहली बार एक कार्यक्रम के लिए एकत्रित हुए।  जो समुदाय अपने अलावा किसी अन्य समुदाय में एक दूसरे के साथ बैठने का विचार भी नह ...
  4. एक व्यक्ति का दृढ़ निश्चय मृतप्राय नदियों को पुनर्जीवन प्रदान कर रहा है

    डॉ येल आशावान हैं। यद्यपि दूरगामी परिणाम धीरे-धीरे आएंगे। डॉ लिंगराजू येल अपने लैपटॉप पर से नजर उठा कर देखते हैं। उनकी आँखों पर थकान की रेखा के साथ-साथ आशा की किरण दृष्टिगोचर हो रही है। कारण कि आने वाली ग्रीष्म ऋतु में कर्नाटक की तीन प्रमुख नदियों कुमुरदव ...
  5. विषाक्त भोजन उगाना बंद करें

    इंदौर के सुदूर क्षेत्रों से चलकर,वह मोटर साइकिल से भोपाल आते थे। नंदकिशोर बरहर, ये  जानने के लिए उत्सुक थे कि प्राकृतिक कृषि किस प्रकार से करनी है। श्री श्री प्राकृतिक कृषि कार्यक्रम से वह बहुत प्रभावित थे। उन्होनें बोने के लिए 50 किलो बांसी गेहूँ (एक प्र ...
  6. जल संग एक लम्बी दूरी का प्रेम प्रसंग

    अमेरिका निवासी इस अनिवासी भारतीय ने कैसे महाराष्ट्र के अपने मूल गाँव में परिवर्तन लाया परिस्थिति देहाती थी । एक बहती हुई नहर के किनारे कोई   500 लोग इकट्ठा थे, जिनमें  हलगरा के ग्रामवासी, नौकरशाह, पुलिसकर्मी और पत्रकार शामिल थे । उस गर्मी की तपती  हुई सुब ...
  7. एक मरुस्थल,जो अब प्रकृति प्रेमियों के लिए बन चुका है एक आकर्षक स्थल

    मुम्बई के स्वप्निल मोरे, नवी मुम्बई के रबाले नामक नगर के 33 एकड़ के एक स्थान पर अक्सर वृक्षारोपण करने पहुँचते हैं । उनके शब्दों में-" मुम्बई में पेड़ – पौधों और वृक्ष लगाने के लिए कोई स्थान ही नहीं है,और मुझे हरियाली से बहुत प्रेम है । यह स्थान मुझे ...
  8. एक नेत्र चिकित्सक का अपने व्यवसाय के बाहर जिंदगियां बचाने का दृढ़ निश्चय

    एक रविवार की देर शाम को डॉक्टर रंजना बोरसे बहुत जल्दी में लग रहीं थीं। सप्ताहांत इस नेत्र रोग विशेषज्ञ के लिए बहुत महत्व रखते हैं- कोई पारिवारिक रात्रि भोज या सप्ताहांत की छुट्टी की परियोजना बनाने के लिए नहीं बल्कि गाँव में और पड़ोस के इलाकों में समय व्यत ...
  9. गृह निर्माण,दिव्य कर्नाटक निर्माण

    रेशमा हनुमंतेश, गाँव के नव निर्मित घरों को देखकर संतुष्टि से मुस्कुरा उठती हैं। ये कर्नाटक के कोलार जिले के मलूर में बेघर लोगों के लिए बनाए गए हैं। ये घर विभिन्न संप्रदाय और जातियों के लोगों के लिए बनाए गए हैं।यह आर्ट ऑफ लिविंग के 5 एच प्रोग्राम की पहल है ...
  10. श्री श्री गौशाला: देशी गायों के लिए एक आश्रय स्थल

    भारत में देशी पशुओं की नस्ल की घटती हुई संख्या को देखते हुए, देशी नस्लों का संरक्षण करना आवश्यक हो गया है | “ गायों को  स्वस्थ रखने के  लिए,  100 लोगों पर  20  गायों का होना एक उचित अनुपात है मवेशियों द्वारा अधिक मात्रा में दूध नहीं देने पर उनका वध किया ज ...