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  1. कनाडा में हरियाली

    “डीपनिंग रूट्स” को 2005 में द आर्ट ऑफ लिविंग के स्वयंसेवकों द्वारा युवाओं को एक अद्वितीय अनुभव के तहत स्थाई(टिकाऊ) कृषि और नेतृत्व के दृष्टिकोण से बनाया गया था।डीपनिंग रूट्स,तीन सप्ताह के ग्रीष्मकालीन गहन प्रशिक्षण कार्यक्रम- पर्माकल्चर,स्वास्थ्य और कल्या ...
  2. शबरी: पहली पीढ़ी के शिक्षार्थियों को विद्यादान

    भारत के उत्तर पूर्व के खूबसूरत गाँव बुनियादी ढांचे की कमी, अनुचित विकास और उग्रवाद के कारण कई चुनौतियों से तबाह हो गए हैं। शबरी जी ने 46 आदिवासी स्कूलों के निर्माण और सञ्चालन के माध्यम से उत्तर पूर्व में शिक्षा में क्रांति की, जिनमें से अधिकांश पहली पीढ़ी ...
  3. शबरी: पहली पीढ़ी के शिक्षार्थियों को विद्यादान

    भारत के उत्तर पूर्व के खूबसूरत गाँव बुनियादी ढांचे की कमी, अनुचित विकास और उग्रवाद के कारण कई चुनौतियों से तबाह हो गए हैं। शबरी जी ने 46 आदिवासी स्कूलों के निर्माण और सञ्चालन के माध्यम से उत्तर पूर्व में शिक्षा में क्रांति की, जिनमें से अधिकांश पहली पीढ़ी ...
  4. इस किसान के लिए जीवन बदलने वाला निर्णय

    भारत में एक बहुचर्चित मुद्दा भोजन के आस पास घूमता है- इसमें किए जाने वाले बदलाव, पौधों को इंजेक्शन लगाकर, जैविक और रासायनिक रूप से उगाए गए आदि।  हम कैसा भोजन खा रहे हैं और अपने परिवारों को खिला रहे हैं, इस पर  हैरान करने वाली बहस को बेहतर ढंग से समझने की ...
  5. प्राकृतिक खेती: किसानों के लिए घर वापसी का रास्ता

    इस वर्ष महाराष्ट्र के एक सुदूर गाँव में एक छोटी सी झोपड़ी की छत के नीचे छोटे बच्चों के चेहरों पर बड़ी मुस्कान थी। बहुत लम्बे अरसे के बाद उनके पिता दीवाली पर उनके लिए नए वस्त्र ले कर आए थे। पेशे से किसान, वो पिता अपने आसपास हो रही प्रतिक्रियाओं को देख कर प ...
  6. जीवन की बूँद

    साबुन उसकी दृष्टि को धुँधला बना देता है क्योंकि वह एक खोखले जंग खाए हुए पाइप से नीचे बहता है जो उसकी शुद्धता के विपरीत कणों को इकट्ठा करता है और उसे भारी बनाता है। वह अपने जैसे लाखों लोगों की बनावट को महसूस करती है, जो मोटे धातु से होकर एक गहरे अंधेरे गड् ...
  7. कभी नशे के अंधेरों से घिरे दारा आज दूसरों के लिए आशा के दीपक बन गए

    एक व्यक्ति जो जान से मारने को तैयार था एवं एक वह व्यक्ति जो अपने माँ –बाप  का चहेता है। दो भिन्न-भिन्न व्यक्ति? नहीं, एक ही व्यक्ति – दारा सिंह दारा शिक्षा के स्कूल की बजाय नशे के स्कूल में चला गया दारा सिंह एक साधारण लड़का था- एक किसान का बेटा। राजस्थान ...
  8. शराब की लत छोड़कर अब युवा व्यसन मुक्ति कार्यक्रम चला रहे हैं डॉ वयाल

    डॉक्टर पुरुषोत्तम वयाल कभी खुद भी दिन रात शराब का नशा किया करते थे। अपनी मज़बूत इच्छाशक्ति  उन्होंने असाधारण साहस के साथ मुकाबला किया एवं एक करिश्माई सामाजिक कार्यकर्ता एवं जन नायक के रूप में उभर कर आगे आये। डॉ वयाल अपनी मार्मिक यात्रा पर प्रकाश डालते हैं, ...
  9. जल जागृति अभियान ने महाराष्ट्र की 22 नदियों में डाली जान

    परिचय  "बचपन से, मैने नाले (धारा) और अपने खेत के कुएँ में इतना पानी कभी नहीं देखा।"  - पांडुरंग, मस्के गाँव, लातूर के एक किसान महाराष्ट्र के लातूर जिले में बारिश ही पानी का एकमात्र स्रोत है।  हाल के वर्षों में, मानसून की अनिश्चित प्रकृति और भूजल ...
  10. वर्षा जल संरक्षण: क्योंकि हर बूँद अमूल्य है

    भारत में प्रकृति के पतन का प्रभाव सबसे ज्यादा पानी की कमी के रूप में परिलक्षित हुआ है। पिछले बीस सालों मे,  जनसंख्या वृद्धि के साथ ही, साफ पानी की मात्रा में 25 प्रतिशत तक की गिरावट देखी गई है। भारत के गाँवों में, खासकर सूखा ग्रस्त क्षेत्रों में पानी के ल ...