Search results
-
माँ और पत्नी में से किसकी बात मानने में समझदारी है?
प्रश्न: गुरुजी, शास्त्रों के अनुसार माँ को सर्वश्रेष्ठ कहा गया है, और वह है भी। और तभी अर्धांगिनी कहा गया है। लेकिन दोनों की रीति रिवाजों से हमेशा बनती नहीं है। मैं माँ से कुछ कहूँ तो पत्नी गलत समझती है। और पत्नी से कुछ कहूँ तो माँ गलत समझ लेती है। अब तो ... -
इतने सारे लोगों में से हमें कैसे पहचानते हैं गुरुदेव
प्रश्न : जब हम आपका फ़ोटो देखते है तब हमें लगता है कि आप हमको पहचानते हैं। पर जब आपसे प्रत्यक्ष में मिलते है तो लगता है कि आप हमें जानते ही नहीं। इतने सारे लोगों में से आप हमें कैसे पहचानते है गुरुदेव: देखो इतने सारे बाल होते हैं सिर पे, किसी ने गिना है? न ... -
क्या अनजाने में भी जीव हत्या का पाप लगता है
प्रश्न: गुरुजी, मैंने सुना है कि अगर चींटियों को, मकोड़ों को या जीव जंतु को मारा तो पाप होता है। पर जब मैं गाड़ी चलाता हूँ तो गाड़ी में अनेक चीड़ी मकोड़े और जीव जंतु मर जाते हैं ।तो क्या इसका पाप मुझे लगेगा? पाप भाव में लगता है कृत्य में नहीं गुरुदेव: ... -
मन भागता रहता है, इसे नियंत्रित कैसे करें?
प्रश्न: गुरुजी, मन सदैव भागता रहता है, इच्छा राक्षस की तरह मुँह बड़ा किए रहती है। स्वयं यदि नियंत्रण भी करूँ तो परिवार, समाज उकसाता है। ऐसी स्थिति पर कैसे नियंत्रण करें? न इच्छा कोई राक्षस है, न कोई मन घोड़ा गुरुदेव: न इच्छा कोई राक्षस है, न कोई मन घोड ... -
हम जिस चेतना के अंश हैं उसे हमेशा कैसे अनुभव करें?
प्रश्न: गुरुजी, हम उस चेतना का अंग हैं, पर उसको हर वक्त कैसे महसूस कर सकते हैं? गुरुदेव: महसूस करना है न, यह सोच से ही गड़बड़ हो जाता है। मैं, मुझे महसूस करना है, तुम्हें कुछ नहीं करना, चुप बैठो, महसूस करोगे। प्रयत्न से आपत्ति आ जाती है, मन की जो आय ... -
पढ़ाई करते वक्त दिमाग़ बहुत भागता है, क्या करें?
प्रश्न: पढ़ाई करते वक्त दिमाग़ बहुत भागता है, क्या करें? गुरुदेव: देखो सभी पढ़ाई में, सभी सब्जेक्ट में मन भागता हो तो कुछ गड़बड़ है। मगर एक आध सब्जेक्ट में मन भागता हो तो उसके लिए उपाय ढूँढ लेंगे। आँ। हिस्ट्री आपको पसंद नहीं है, तो हिस्ट्री पढ़ते वक्त ... -
कृष्ण के "उपदेश" का और राम के "आदर्शों" का अनुकरण करो
प्रश्न: गुरुदेव प्रणाम। कृष्ण पांडव की तरफ थे। उनको मालूम था जहाँ मैं रहूँगा वहीं जीत है। फिर भी उनकी सेना उन्होंने कौरवों को दे दी। तो उस टाईम उनके राजधर्म की कोई अलग परिभाषा थी या कोई और वजह थी? उनको मालूम है मेरी सेना का ध्वंस होना तय है। फिर भी उन्हो ... -
शाकाहार चुनें, जीवन चुनें
हम ऐसे समय में रह रहे हैं जब कई स्टार्ट-अप नकली मांस, पौधों पर आधारित बर्गर और प्रयोगशाला में उगाए गए मीटबॉल के अपने रूपों को पूरा कर रहे हैं। फिर भी, शाकाहारी बनाम मांसाहारी आहार की बहस आज भी जारी है। हर कोई एक स्टैंड लेने के लिए तैयार है, और पूरे दिल स ... -
मर्म चिकित्सा: शरीर के 107 मूल बिदुओं में छिपा है अच्छे स्वास्थ्य का रहस्य
मर्म चिकित्सा क्या है? मर्म चिकित्सा आयुर्वेद का एक महत्वपूर्ण अंग है जो की शरीर की बाधित ऊर्जा केन्द्रों की सफाई कर शरीर के स्वास्थ्य को बनाये रखता है। मर्म शब्द की उत्पत्ति संस्कृत शब्द ‘मृण मणआय’ से हुई है। संस्कृत के वाक्यांश ‘मृणआयते अस्मिन इति मर्म’ ... -
गदग: जहाँ जूट में बुनें जाते हैं सपने
कभी-कभी, दुनिया को बदलने के लिए छोटे-छोटे उपायों की आवश्यकता होती है। कर्नाटक का एक छोटा सा गाँव जूट में सपने बुनकर सशक्तिकरण की एक निःशब्द कहानी आलेखित कर रहा है। आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन ने दिसंबर 2010 में गदग शहर से लगभग 20 किलोमीटर दूर कोप्पला में बहा ...